लक्ष्य

65 कॅरियर अवसर मेलों के आयोजन के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कॅरियर सम्बन्धी जानकारी प्राप्त हो एवं वे रोजगार के बाबत् जागरूक होकर उपलब्ध प्लेसमेंट के अवसरों का अधिकतम लाभ ले सकें, ऐसे प्रयास किये जाएंगे।

टी.सी.एस., इन्फोसिस, एम्फेसिस, इआॅन, विप्रो, एफर्ट बी.पी.ओ., काॅन्सेट्रींक्स (आई.बी.एम. दक्ष), आई.सी.आई.सी.आई बैंक, एच.डी.एफ.सी. बैंक, एजीस ग्लोबल, टेली परफारमेन्स, रिलायन्स,इन्डसवेयर, तथा महाविद्यालयों में स्थानीय स्तर पर कार्यरत् बीमा कंपनियाँ प्रायवेट स्कूल, मोटर विक्रेता कंपनियाँ, कम्प्यूटर सेंटर तथा अन्य निजी संस्थानों से सतत् रूप से महाविद्यालयों एवं इस कार्यालय द्वारा संपर्क कर प्रयास किया जायेगा कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों का चयन होकर उन्हें प्लेसमेंट प्राप्त हो।

वर्ष 2016-17 दृष्टिपत्र 2018 एवं जनसंकल्प 2013 कार्ययोजना के तहत ज्ब्ै कंपनी से ब्ैत् के अंतर्गत प्लेसमंेट सम्बन्धी प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है दिसंबर 2016 तक 06 महाविद्यालयों में 300 कुल विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।

भारत सरकार के प्रोजेक्ट के तहत आई.टी/साफ्टवेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु विभाग की प्रशासकीय स्वीकृति उपरान्त आई.आई.टी मुंबई के सहयोग से प्रदेश के 06 पारम्परिक विश्वविद्यालयों एवं 225 चयनित शा. महाविद्यालयों में प्ज्ध्ैवजिूंतम के क्षेत्र में प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा चुका है यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क होकर विद्यार्थियों के लिए आॅडियो-वीडियो माध्यम से उपलब्ध है। प्रशिक्षण उपरान्त विद्यार्थियों का मूल्यांकन एवं सफल होने वालों का सर्टिफिकेशन प्प्ज् ठवउइंल द्वारा किया जाएगा। दिनांक 31.01.2017 तक आईटी/साफ्टवेयर प्रशिक्षण हेतु 18600 विद्यार्थियों का पंजीयन हो चुका है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के वित्त पोषण एवं उनकी योजना के अन्तर्गत कुछ विश्वविद्यालयों एवं कुछ महाविद्यालयों में विद्यार्थियों हेतु संघ लोक सेवा आयेाग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु भी प्रशिक्षण प्रारम्भ किये जायेंगे।

पुस्तकालय का विकास:-

शासकीय महाविद्यालयों के पुस्तकालयों के अंधोसंरचना विकास हेतु इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिये राशि रूपये 350.00 लाख का प्रावधान किया गया है। 32 महाविद्यालयों को ई-लर्निंग रिसोर्स सेंटर बनाने हेतु राशि 207.40 आवंटित की गयी है।

आधुनिक तकनीक से शिक्षण व्यवस्था:-

प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से शिक्षण व्यवस्था के लिए स्मार्ट क्लास विकसित किये जाने हेतु आवश्यक सामग्री का प्रदाय किया जाता है। योजना के अन्तर्गत वर्ष 2016-17 के लिये 150.00 लाख का बजट प्रावधान किया गया है तथा माह दिसम्बर, 2016 तक 61 महाविद्यालयों द्वारा 126.72 लाख का व्यय किया गया है।

सूचना प्रौद्योगिकी सम्बन्धी कार्य योजना:-

प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में कम्प्यूटर, प्रिन्टर, स्केनर एवं ब्राॅड-बैण्ड इत्यादि सूचना प्रौद्योगिकी सम्बन्धी कार्यो के लिये राशि का प्रदाय किया जाता है। इस योजना के अन्तर्गत वर्ष 2016-17 के लिये 140.00 लाख बजट प्रावधान किया गया है तथा माह दिसम्बर 2016 तक 115 महाविद्यालयों द्वारा राशि रूपये 114.73 लाख का व्यय किया गया है।